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à¤à¤¸à¥‡ बनाà¤à¤‚ 'कचà¥à¤šà¥‡ पपीते' की चाय, दूर होगी गठिया की बीमारी
गठिया के अलावा ये चाय कई रोगों को ठीक करती है।.
पपीते की चाय को आमतौर पर लोग कम जानते हैं मगर मेडिकल साइंस की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में इस चाय का बड़ महतà¥à¤µ है।
गठिया à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ है जिसके कारण लोगों को लंबे समय तक जोड़ों में दरà¥à¤¦ की शिकायत रहती है। आजकल बहà¥à¤¤ सारे लोग इस गंà¤à¥€à¤° बीमारी से परेशान हैं। गठिया का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण शरीर में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ का बढ़ना है लेकिन à¤à¤• खास नà¥à¤¸à¥à¤–े की मदद से इस रोग से हमेशा के लिठछà¥à¤Ÿà¤•ारा पाया जा सकता है। पपीते की चाय गठिया रोग में बहà¥à¤¤ कारगर होती है। इसे नियमित पीने से आपको गठिया के दरà¥à¤¦ से à¤à¥€ राहत मिलती है और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ मजबूत होती हैं। जानते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है गठिया रोग और कैसे बनाà¤à¤‚गे आप पपीते की चाय।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है गठिया
जब खून और ऊतकों में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ बढ़ जाती है, तब गठिया रोग होता है। गाउट में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤² जोड़ों में जमा हो जाते हैं, जो à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ को जनà¥à¤® देते हैं जिसे गाउटी अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ कहा जाता है। यह गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ जमा हो जाते हैं जिससे गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी होती है। मोटापा या अचानक वजन बढ़ने से यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर के ऊतक à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पà¥â€à¤¯à¥‚रिंस को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तोड़ते हैं। पà¥â€à¤¯à¥‚रिंस à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का रसायन है, यही रसायन यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ को बढ़ता है। खादà¥à¤¯-पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के कारण शरीर में इस रसायन की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ती है। अंडे और नटà¥à¤¸ जैसे खादà¥à¤¯-पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में पà¥â€à¤¯à¥‚रिंस रसायन पाया जाता है।
गठिया के लिठपपीते की चाय
पपीते की चाय को आमतौर पर लोग कम जानते हैं मगर मेडिकल साइंस की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में इस चाय का बड़ महतà¥à¤µ है। गठिया के अलावा ये चाय कई रोगों को ठीक करती है। अगर आप गठिया को पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तरीके से ठीक करना चाहते हैं, तो पपीते से बनी ये चाय आपके लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद हो सकती है। पपीता शरीर में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ को घटाता है और इसमें सूजन को दूर करने वाले गà¥à¤£ होते हैं।
पपीता की चाय बनाने के लिठसामगà¥à¤°à¥€
750 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® पानी
180 गà¥à¤°à¤¾à¤® कचà¥à¤šà¤¾ (हरा) पपीता टà¥à¤•ड़ों में कटा हà¥à¤†
2 बैग गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी या 1 चमà¥à¤®à¤š गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
पपीते की चाय बनाने की विधि
à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ में पानी डालें औैर फिर हरे पपीते के टà¥à¤•ड़े डालें।
इस पानी को गरà¥à¤® होने के लिठआंच पर रख दें।
जब ये पानी उबलने लगे, तो आंच बंद कर दें और 10 मिनट के लिठपानी को थोड़ा ठंडा होने दें।
अब इस पानी को छान लें और पपीते के टà¥à¤•ड़ों को अलग कर लें।
पानी में गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी बैग डालिठया गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ डालकर 3 मिनट के लिठछोड़ दें।
गरà¥à¤® ही इस चाय को पिà¤à¤‚।
पपीते की चाय के फायदे
इस चाय को पीने से आपको गठिया के दरà¥à¤¦ से राहत मिलती है और गठिया या अनà¥à¤¯ किसी कारण से होने वाली शारीरिक सूजन कम होती है। इसके अलावा ये चाय आपका पाचन ठीक रखती है और शरीर में पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ काउंट बढ़ाती है। इस चाय को पीने से आपका बॉडी डिटॉकà¥à¤¸ हो जाता है।
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